आज का एक्सप्लेनर:कॉकरोच जनता पार्टी चलाएंगे ये 12 लोग, सभी 35 साल से कम, जानिए इनकी कहानी; CJP असल में किसे डेंट मारेगी




कॉकरोच जनता पार्टी फिलहाल राजनीति में नहीं आएगी। सरकार के लिए प्रेशर ग्रुप की तरह काम करेगी। गुरुवार को 12 कोर सदस्यों की टीम का ऐलान भी कर दिया। इनमें वकील, CA, इंजीनियर, पत्रकार शामिल हैं और सबकी उम्र 35 साल से कम। अगले महीने से ये पूरे देश में घूमकर सदस्यता अभियान चलाएंगे। आखिर CJP चलाने वाले 12 लोग कौन हैं, CJP की स्ट्रैटजी क्या है और 2029 चुनाव में ये किसे ज्यादा डेंट मारेगी; इसे ही समझेंगे आज के एक्सप्लेनर में… छत्रपति संभाजी नगर में जिस दिन CJP की कोर कमेटी का ऐलान हुआ, उसी दिन अभिजीत दीपके ने साफ कर दिया कि वे पॉलिटिकल पार्टी बनाने नहीं जा रहे। बल्कि बतौर प्रेशर ग्रुप काम करेंगे। प्रेशर ग्रुप ऐसे संगठन होते हैं, जो खुद कोई चुनाव नहीं लड़ते, लेकिन सरकार और नेताओं पर बाहरी दबाव डालकर अपनी मांगें मनवाते हैं। मिसाल के लिए- भारतीय किसान यूनियन, मजदूर संघ, बार काउंसिल ऑफ इंडिया, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI), विश्व हिंदू परिषद्, मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड वगैरह अपनी अलग-अलग नीतियों और उद्देश्यों के तहत सरकार के लिए प्रेशर ग्रुप की तरह ही काम करते हैं।
CJP का कहना है कि वे अभी राजनीति में इसलिए नहीं आना चाहते हैं, क्योंकि देश में विपक्षी दलों के लिए माहौल ठीक नहीं है। उन पर ED, CBI जैसी केंद्रीय एजेंसियों का गलत इस्तेमाल होता है। चुने गए नेताओं की खरीद-फरोख्त होती है और सिस्टमैटिक तरीके से राजनीतिक पार्टियों को तोड़ा जाता है। ऐसे समय में राजनीति में आएंगे, तो खुद को बचाते ही रह जाएंगे, जमीन पर कोई काम नहीं कर पाएंगे। CJP के मुताबिक, बतौर प्रेशर ग्रुप वो दो बड़े काम करेंगे… हालांकि एक्सपर्ट्स मानते हैं कि ये सारी कवायद पॉलिटिकल पोजिशनिंग की ही है… CJP ने साबित किया है कि उसके साथ युवाओं और खास तौर पर सत्ता से नाराज लोगों के एक वर्ग का सपोर्ट है। इससे ये तय है कि आने वाले समय में इसका पॉलिटिकल इम्पैक्ट जरूर पड़ेगा। नुकसान किसे होगा, इसके 2 सिनैरियो हैं… 1. CJP पॉलिटिकल पार्टी बनी, तो विपक्ष को नुकसान विजय त्रिवेदी कहते हैं कि अगर कोई भी नया फ्रंट बने और सरकार के खिलाफ विपक्ष की भूमिका में आ जाए, तो कांग्रेस के स्पेस को नुकसान होगा। हाल के ट्रेंड तीसरे विकल्प की सफलता भी दिखाते हैं। मसलन- तमिलनाडु में DMK और AIADMK छोड़ इसबार एक्टर विजय की सरकार बनी। बिहार के बांकीपुर उपचुनाव में BJP 30 साल में पहली बार हारी, तो मौका RJD को नहीं, बल्कि जन सुराज पार्टी के मुखिया प्रशांत किशोर को मिला। हालांकि अगर CJP पार्टी बन जाए और चुनावों में बाकी विपक्षी दलों का साथ दे, इससे विपक्ष को फायदा भी हो सकता है। 2. अगर CJP प्रेशर ग्रुप बनी रही, तो NDA को नुकसान विजय त्रिवेदी कहते हैं कि CJP के प्रेशर से सरकार पर दबाव और बढ़ सकता है। इससे विपक्ष, BJP को चुनावी नुकसान पहुंचा सकता है। CJP के साथ भी विपक्षी दलों का सपोर्ट भी था। बिना राजनीतिक सपोर्ट के कोई आंदोलन चलाना मुश्किल होता है। विजय त्रिवेदी के मुताबिक, CJP के आंदोलन से एक तरह से दिल्ली में आम आदमी पार्टी का रिवाइवल हुआ है। इससे सरकार को चुनावी घाटा भी हो सकता है, लेकिन ये भविष्य की बात है। —— ये खबर भी पढ़िए… क्या पॉलिटिकल पार्टी बनाएंगे ‘कॉकरोच’ या मूवमेंट जारी रखेंगे; अभिजीत दीपके का आगे का प्लान क्या, फ्यूचर के 3 सिनैरियो 6 जून 2026, अभिजीत दिपके पहली बार लंदन से दिल्ली एयरपोर्ट उतरे और सीधे जंतर-मंतर प्रोटेस्ट साइट पहुंचे। 20 जून को दोबारा प्रोटेस्ट पर बैठे, तो 36 दिन के बाद 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेकर उठे। जंतर-मंतर से जाते-जाते कॉकरोच पार्टी ने प्रोटेस्टर्स से कहा- ‘जल्दी दोबारा मिलेंगे।’ पूरी खबर पढ़िए…

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